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इंदिरा गांधी जी के 100वें जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

Posted On: 19 Nov, 2016 Celebrity Writer,Special Days में

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अदा रखती थी मुख्तलिफ ,इरादे नेक रखती थी ,

वतन की खातिर मिटने को सदा तैयार रहती थी .
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मोम की गुड़िया की जैसी ,वे नेता वानर दल की थी ,,
मुल्क पर कुर्बां होने का वो जज़बा दिल में रखती थी .
…………………………………………………………………………….
पाक की खातिर नामर्दी झेली जो हिन्द ने अपने ,
वे उसका बदला लेने को मर्द बन जाया करती थी .
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मदद से सेना की जिसने कराये पाक के टुकड़े ,
शेरनी ऐसी वे नारी यहाँ कहलाया करती थी .
……………………………………………………………………………
बना है पञ्च-अग्नि आज छुपी है पीछे जो ताकत ,
उसी से चीन की रूहें तभी से कांपा करती थी .
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जहाँ दोयम दर्जा नारी निकल न सकती घूंघट से ,
वहीँ पर ये आगे बढ़कर हुकुम मनवाया करती थी .
………………………………………………………………
कान जो सुन न सकते थे औरतों के मुहं से कुछ बोल ,
वो इनके भाषण सुनने को दौड़कर आया करती थी .
…………………………………………………………………
न चाहती थी जो बेटी का कभी भी जन्म घर में हो ,
मिले ऐसी बेटी उनको वो रब से माँगा करती थी .
……………………………………………………………….
जन्मदिन ये मुबारक हो उसी इंदिरा की जनता को ,
जिसे वे जान से ज्यादा हमेशा चाहा करती थी .

शालिनी कौशिक
[कौशल ]



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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sadguruji के द्वारा
November 28, 2016

आदरणीया शालिनी कौशिक जी ! स्वर्गीय इंदिरा गांधी जी को समर्पित बहुत अच्छी कविता ! पूरे देश को उनपर नाज है ! सादर अभिनन्दन और हार्दिक बधाई !

Shobha के द्वारा
November 23, 2016

प्रिय शालनी जी इंदिरा जी का मैं दिल से सम्मान करती थी उनकी हत्या के समय में विदेश में थी मुझे बेहद शाक लगा था मैं ही नहीं सभी प्रवासी बहुत दुखी थे आपने बड़े सुंदर ढंग से उन्हें याद किया

Jitendra Mathur के द्वारा
November 23, 2016

बहुत ही मर्मस्पर्शी श्रद्धांजलि दी है आपने इन्दिरा जी को । सत्य ही वे लौह-महिला थीं । देश के लिए जीं और देश के लिए ही मर मिटीं ।


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