! मेरी अभिव्यक्ति !

तू अगर चाहे झुकेगा आसमां भी सामने, दुनिया तेरे आगे झुककर सलाम करेगी . जो आज न पहचान सके तेरी काबिलियत कल उनकी पीढियां तक इस्तेकबाल करेंगी .

685 Posts

2152 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 12172 postid : 1140695

वास्तव में ऐसा प्रधानमंत्री पहले कभी नहीं मिला

Posted On: 20 Feb, 2016 Junction Forum,Celebrity Writer में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

परमाणु सम्मेलन में भाग लेने जा रहे दोनों पीएम

कहने वाले कह गए हैं -
”कोई दुश्मन भी मिले तो करो बढ़कर सलाम ,
पहले खुद झुकता है औरों को झुकाने वाला .”
अपने शपथ ग्रहण समारोह से लेकर आजतक भारतीय प्रधानमंत्री मोदी और पाक प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ की कई मुलाकातें भी हो चुकी हैं और कई उपहारों का आदान प्रदान भी ,जो शायद करने वाले भारतीय प्रधानमंत्री के अनुपम ह्रदय की मिसाल कही जा सकती है क्योंकि हमने आजतक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री को पाक समकक्ष पर इतना उदार नहीं देखा होगा हो भी क्यों न भारत देश को आजतक इतना श्रेष्ठ प्रधानमंत्री मिला ही कहाँ था ?और वे भाजपा के हैं जो कि शायद देश का एकमात्र संगठन है [आर.एस.एस. के बाद आर.एस.एस.राजनीतिक संगठन नहीं है न ] जो देश से प्यार करता है और इसीलिए देश के सबसे बड़े दुश्मन से अपने सिद्धांतों को ताक पर रखकर भी मिलता रहता है ये इनके देश से प्यार करने की एक अद्भुत मिसाल है और इस मिसाल के कारण हमें इन्हें शत शत नमन करना ही चाहिए .अभी अभी प्राप्त समाचारों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ के बीच अगले महीने अमेरिका में मुलाकात हो सकती है। दोनों अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की मेजबानी में आयोजित परमाणु सम्मेलन में भाग लेने जा रहे हैं।

पाकिस्तान के अखबार डॉन में छपी खबर के अनुसार दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने वाशिंगटन में 31 मार्च और एक अप्रैल को होने वाले कार्यक्रम का न्योता स्वीकार कर लिया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि मोदी और शरीफ के बीच इस कार्यक्रम से अलग मुलाकात होने की संभावना प्रबल है।
और जैसे कि इनकी हर मुलाकात देश पर किये गए एहसान के समान रही है ये भी रहेगी ये सभी भारतीयों को ज्ञात है और इसलिए कुछ न कहते हुए इन्हें हार्दिक शुभकामनायें ही दी जा सकती हैं भले ही हमारे मन के भाव ये हो -
”अपने दुश्मन की खुशामद से ये बेहतर होगा ,
अपनी रखी हुई तलवार उठा ली जाये .”

शालिनी कौशिक
[कौशल ]



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

4 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Bhola nath Pal के द्वारा
February 21, 2016

शालिनी जी ! प्रयोग वहां ही किये जाते हैं जहाँ सम्भावना और प्रतिफल दोनों के लिए हम राजी होते हैं ………..

jlsingh के द्वारा
February 21, 2016

व्यंग्य अच्छा है . स्थितियां बड़ी तेजी से बदल रही है , देखते हैं इस बार के संसद सत्र में क्या होता है.

rameshagarwal के द्वारा
February 20, 2016

जय श्री राम कांग्रेस्ईओ को मोदीजी पर हमला करे बिना चैन नहीं मिलती इसीलिए राहुल राष्ट्र द्रोहियो का साथ दे रहे.कविता अच्छी.

Jitendra Mathur के द्वारा
February 20, 2016

अच्छा व्यंग्य किया है शालिनी जी आपने । फ़िलहाल तो तेल देखते हैं और तेल की धार देखते हैं ।


topic of the week



latest from jagran