! मेरी अभिव्यक्ति !

तू अगर चाहे झुकेगा आसमां भी सामने, दुनिया तेरे आगे झुककर सलाम करेगी . जो आज न पहचान सके तेरी काबिलियत कल उनकी पीढियां तक इस्तेकबाल करेंगी .

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ऐसे ही सिर उठाएगा ये मुल्क शान से -स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ‏

Posted On: 14 Aug, 2015 कविता,Celebrity Writer,Others में

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Independence Day Picture

फरमा रहा है फख्र से ,ये मुल्क शान से ,

कुर्बान तुझ पे खून की ,हर बूँद शान से।

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फराखी छाये देश में ,फरेब न पले ,

कटवा दिए शहीदों ने यूँ शीश शान से .

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देने को साँस लेने के ,काबिल वो फिजायें ,

कुर्बानी की राहों पे चले ,मस्त शान से .

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आज़ादी रही माशूका जिन शूरवीरों की ,

साफ़े की जगह बाँध चले कफ़न शान से .

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कुर्बानी दे वतन को जो आज़ाद कर गए ,

शाकिर है शहादत की हर  नस्ल  शान से .

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इस मुल्क का गुरूर है वीरों की शहादत ,

फहरा रही पताका यूँ आज शान से .

………………………………………………………

मकरूज़ ये हिन्दोस्तां शहीदों तुम्हारा ,

नवायेगा सदा ही सिर सरदर शान से .

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पैगाम आज दे रही कुर्बानियां इनकी ,

घुसने न देना फिर कभी सियार  शान से .

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करते हैं अदब दिल से अगर हम शहीदों का ,

छोड़ेंगे बखुशी सब मतभेद शान से .

…………………………………………………

इस मुल्क की हिफाज़त दुश्मन से कर सकें ,

सलाम मादरे-वतन कहें आप  शान से .

……………………………………………..

मुक़द्दस इस मुहीम पर कुर्बान ”शालिनी” ,

ऐसे ही सिर उठाएगा ये मुल्क शान से .

शालिनी कौशिक

[कौशल]

[शब्दार्थ-सरदर-सब मिलकर एक साथ ]

My India My Pride



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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

एल.एस. बिष्ट् के द्वारा
August 20, 2015

इस मुल्क की हिफाज़त दुश्मन से कर सकें , सलाम मादरे-वतन कहें आप शान से …………………सुंदर कविता ।

advpuneet के द्वारा
August 19, 2015

ऐसे ही सिर उठाएगा ये मुल्क शान से ! बहुत अच्छी कविता के लिए धन्यवाद शालिनी कौशिक जी!


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