! मेरी अभिव्यक्ति !

तू अगर चाहे झुकेगा आसमां भी सामने, दुनिया तेरे आगे झुककर सलाम करेगी . जो आज न पहचान सके तेरी काबिलियत कल उनकी पीढियां तक इस्तेकबाल करेंगी .

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तो ये हैं मोदी जी के अच्छे दिन

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मॉनसून देगा इस बार भी धोखा

‘अच्छे दिन ‘ जाने वाले हैं ,मौसम विभाग ने दिए सूखे के संकेत ,17 साल पुराने केस में BJP विधायक समेत 15 दोषी,पी ओ के में पाक की ‘चुनावी चाल’ से भारत नाराज़ ,हद है! चलती रोडवेज बस में युवती से फिर गंदी हरकत [सभी अमर उजाला से साभार ]

रोपड़ व काठगढ़ के बीच युवक ने बदतमीजी शुरू कर दी
प्रधानमंत्री मोदी जी कहते हैं कि ‘देश के अच्छे दिन आ गए ”.वे देश में अच्छे दिन लाने का वादा कर सत्ता में आये हैं और ये तो साफ है कि वे अपने वादे को पूरा करने के लिए जी जान से जुटे हुए हैं और इसके लिए उन्होंने अपनी पूरी फ़ौज को लगा रखा है लेकिन सच्चाई को नकारना न तो उनके हित में है और न ही देश के .समाचार पत्र के जिस पेज पर उनकी अच्छे दिन आने की सूचना को मात्र एक छोटा कॉलम मिला है उसी पेज पर इस सच्चाई को पूरा पेज मिला है कि देश की वास्तविक स्थिति इस वक्त क्या है ?” देवबंद के पी.एन.बी.में १०.६१ लाख रूपये की डकैती ,बी.एस.एन .एल .कर्मी ने दफ्तर में जहर खाकर दी जान ,तीसरी बार लीक हुआ यूपीटीयू का पेपर ” ये तो आज के समाचार हैं और समाचार तो अभी जानते ही हैं -पश्चिमी यु पी में बारिश से फसल बर्बाद ,किसानों द्वारा रोज आत्महत्याओं का बढ़ता आंकड़ा ,रोज बढ़ती जा रही रेप की घटनाएँ ,दंगों के कारण खाली होते वेस्ट यु पी के कसबे , पाकिस्तान की बढ़ती जा रही कारगुजारियां ,महंगाई के कारण आम आदमी से छिनती रोटी -दाल और न जाने क्या क्या रोज समाचार पत्रों में पढ़ रहे हैं और स्वयं अपने आस पास देख भी रहे हैं अगर ऐसे हालत को देखते हुए देश के अच्छे दिन कहे जा सकते हैं और एक विशाल बहुमत लेकर जननायक के तौर पर उभरने वाले मोदी जी को वे ‘ देश के अच्छे दिन ‘ लग सकते हैं तो शायद ऐसा ही होगा क्योंकि वे गलत कैसे हो सकते हैं उनके जैसा प्रधानमंत्री न पहले कभी देश को मिला है और न ही मिलेगा जो जनता के जलते दिल-उजड़ती ज़िंदगी को देश के अच्छे दिन कहेगा .इसलिए ऐसे में तो बस यही कहा जा सकता है -
”दुश्मन न करे दोस्त ने जो काम किया है ,
उम्र-भर का गम हमें ईनाम दिया है .”

[PUBLISHED IN JANVANI'S PATHHAKVANI ON 4 JUNE 2015]


शालिनी कौशिक
[कौशल ]



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1 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Maharathi के द्वारा
June 3, 2015

अच्छे दिन कब आयेंगे बता देउ तारीख फिर सवाल मत पूछ ये मान हमारी सीख मान हमारी सीख कि दिन अच्छे आये हैं अच्छे दिन के गीत नहीं यूँ ही गाये हैं महारथी हम रोज उड़ाते लच्छे लच्छे कब था दावा तेरे दिन आयेंगे अच्छे।।


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