! मेरी अभिव्यक्ति !

तू अगर चाहे झुकेगा आसमां भी सामने, दुनिया तेरे आगे झुककर सलाम करेगी . जो आज न पहचान सके तेरी काबिलियत कल उनकी पीढियां तक इस्तेकबाल करेंगी .

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हम सबके प्यारे''रिश्ते''

Posted On: 23 Jun, 2014 कविता,Celebrity Writer,Others में

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कभी हमारे मन भाते हैं,

कभी हैं इनसे दिल जलते,

कभी हमें ख़ुशी दे जाते हैं,

कभी हैं इनसे गम मिलते,

कभी निभाना मुश्किल इनको,

कभी हैं इनसे दिन चलते,

कभी तोड़ देते ये दिल को,

कभी होंठ इनसे हिलते,

कभी ये लेते कीमत खुद की,

कभी ये खुद ही हैं लुटते,

कभी जोड़ लेते ये जग को,

कभी रोशनी से कटते,

कभी चमक दे जाते मुख पर,

कभी हैं इनसे हम छिपते,

कभी हमारे दुःख हैं बांटते,

कभी यही हैं दुःख देते,

इतने पर भी हर जीवन के प्राणों में ये हैं बसते,

और नहीं कोई नाम है इनका हम सबके प्यारे”रिश्ते”

………………………………………………

शालिनी  कौशिक




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1 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Nirmala Singh Gaur के द्वारा
June 23, 2014

बहुत प्यारी कविता ,हार्दिक बधाई .


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