! मेरी अभिव्यक्ति !

तू अगर चाहे झुकेगा आसमां भी सामने, दुनिया तेरे आगे झुककर सलाम करेगी . जो आज न पहचान सके तेरी काबिलियत कल उनकी पीढियां तक इस्तेकबाल करेंगी .

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संघी मानसिकता

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इसलिए राहुल सोनिया पर ये प्रहार किये जाते हैं .

जगमगाते अपने तारे गगन पर गैर मुल्कों के ,

तब घमंड से भारतीय सीने फुलाते हैं .

टिमटिमायें दीप यहाँ आकर विदेशों से ,

धिक्कार जैसे शब्द मुहं से निकल आते हैं .

………………………………………………

नौकरी करें हैं जाकर हिन्दुस्तानी और कहीं ,

तब उसे भारतीयों की काबिलियत बताते हैं .

करे सेवा बाहर से आकर गर कोई यहाँ ,

हमारी संस्कृति की विशेषता बताते हैं .

Sonia Gandhi, Rahul Gandhi and Prime Minister Manmohan Singh look at newly elected party state presidents of the Indian Youth Congress seek blessings at a convention in New Delhi. Sonia in action

राजनीति में विराजें ऊँचे पदों पे अगर ,

हिन्दवासियों के यशोगान गाये जाते हैं .

लोकप्रिय विदेशी को आगे बढ़ देख यहाँ ,

खून-खराबे और बबाल किये जाते हैं.

Demonstrators from the Samajwadi Party, a regional political party, shout slogans after they stopped a passenger train during a protest against price hikes in fuel and foreign direct investment (FDI) in retail, near Allahabad railway station September 20, 2012 (Reuters / Jitendra Prakash)

क़त्ल होता अपनों का गैर मुल्कों में अगर ,

आन्दोलन करके विरोध किये जाते हैं .

अतिथि देवो भवः गाने वाले भारतीय ,

इनके प्रति अशोभनीय आचरण दिखाते हैं .

……………………………………………..

विश्व व्यापी रूप अपनी संस्था को देने वाले ,

संघी मानसिकता से उबर नहीं पाते हैं .

भारतीय कहकर गर्दन उठाने वाले ,

वसुधैव कुटुंबकम कहाँ अपनाते हैं


भारत का छोरा जब गाड़े झंडे इटली में ,

भारतीयों की तब बांछें खिल जाती हैं .

इटली की बेटी अगर भारत में बहु बने ,

जिंदादिल हिंद की जान निकल जाती है .


अलग-अलग मानक अपनाने वाले ये देखो ,

एक जगह एक जैसे मानक अपनाते हैं ,

देशी हो विदेशी हो भारत की या इटली की ,

बहुओं को सारे ये पराया कह जाते हैं .


मदर टेरेसा आकर घाव पर लगायें मरहम ,

सेवा करवाने को ये आगे बढ़ आते हैं .

सोनिया गाँधी जो आकर राज करे भारत पर ,

ऐसी बुरी हार को सहन न कर पाते हैं.

The dead Indira Gandhi with her son, Prime Minister Ranjiv Ghandi.

सारा परिवार देश हित कुर्बान किया ,

ऐसी क़ुरबानी में ये ढूंढ स्वार्थ लाते हैं .

नेहरु गाँधी परिवार की देख प्रसिद्धि यहाँ ,

विरोधी गुट सारे जल-भुन जाते हैं .

सोनिया की सादगी लुभाए नारियों को यहाँ ,

इसीलिए उलटी सीधी बाते कहे जाते हैं .

पद चाह छोड़कर सीखते जो ककहरा ,

राहुल के सामने खड़े न हो पाते हैं .

……………………………………………….

राजनीति में विराजें कितने ही अंगूठा टेक ,

पीछे चल जनता उन्हें सर पर बैठाती है .

राहुल गाँधी कर्मठता से छा न जाये यहाँ कहीं ,

उनकी शिक्षा को लेकर हंसी करी जाती है .

………………………………………………

भेदभाव भारत में कानूनन निषिद्ध हुआ ,

लोग पर इसे ही वरीयता दिए जाते हैं

योग्यता और मेहनत को मिलता तिरस्कार यहाँ ,

इसलिए राहुल सोनिया पर ये प्रहार किये जाते हैं .

शालिनी कौशिक

[कौशल ]



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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
April 1, 2014

प्रिय शालनी जी ,मदर टरेसा बहुत बड़ी हस्ती हैं , हमारे यहाँ कि मेडिकल सेवाए दुनियां में मानी जाती हैं दिल्ली मेडिकल कालेज मे अमेरिका ,मिडिल ईस्ट से मरीज इलाज कराने आते हैं देश के प्रधान मंत्री का आपरेशन यहाँ हुआ परन्तु हमारी प्यारी बहू को यहाँ के इलाज पर भरोसा नही है .इन्द्रा जी इमरजंसी के बाद हारी थी उनके पास रहने को घर नहीं था जरा इंटरनेट पर ढूंढना यह दुनिया कि कितने नम्बर कि अमीर औरत ,शक्ति शाली लेडी है देश सबसे बड़ा होता है नेहरू जी को गरीब देश मिला था वः १६ घंटे काम करते थेउनके आस पास चाटूकार नहीं थे न उनका विदेश मे खाता था शोभा

Shobha के द्वारा
March 31, 2014

शालिनी जी आपने कविता लिखी बहूत अच्छी थी परन्तु भावों पर मुझे एतराज है हमलोग जब विदेश जाते है डालर कमाने जाते आज भी टेक्नोलोजी में हम पिछड़े हैं उस डालर से बहूत कुछ हमारे देश में आता है डोलर न होने पर कच्चा मॉल यहाँ से जायेगा एक बार चद्रशेखर के समय हम अपने देश का सोनी बेचने पर मजबूर हो गये थे रहा सवाल बलिदान का कितने लोगों ने शहादत दी है उसका फल उन्हें क्या मिला देश का उच्च पद ,याकिंग मेकर है सोनिया गाँधी इस देश की सियासत को गवर्न करती है |देश चलाना एक कूटनीतिक विषय है कोइ भारत पर अहसान नहीं किय कई देशो मे विदेशी ओरते विवाह क्र आई है देश नहीं सोप दिया आज का समय सबसे खराब है बेरोजगारी मंदी एक मज्बूत सरकार की जरूरत जरूरत है और मजबूत प्रधान मंत्री की जरूरत है


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