! मेरी अभिव्यक्ति !

तू अगर चाहे झुकेगा आसमां भी सामने, दुनिया तेरे आगे झुककर सलाम करेगी . जो आज न पहचान सके तेरी काबिलियत कल उनकी पीढियां तक इस्तेकबाल करेंगी .

670 Posts

2139 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 12172 postid : 712590

ये ''कामवालियां''

Posted On: 6 Mar, 2014 social issues,कविता,Celebrity Writer में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Woman in depression - stock photo

लड़ती हैं
खूब झगड़ती हैं
चाहे जितना भी
दो उनको
संतुष्ट कभी नहीं
दिखती हैं
खुद खाओ
या तुम न खाओ
अपने लिए
भले रसोईघर
बंद रहे
पर वे आ जाएँगी
लेने
दिन का खाना
और रात का भी
मेहमानों के बर्तन
झूठे धोने से
हम सब बचते हैं
मैला घर के ही लोगों का
देख के नाक सिकोड़ते हैं
वे करती हैं
ये सारे काम
सफाई भेंट में हमको दें
और हम उन्हीं को ‘गन्दी ‘कह
अभिमान करें हैं अपने पे
माता का दर्जा है इनका
लक्ष्मी से इनके काम-काज
ये ”कामवालियां” ही हमको
रानी की तरह करवाएं राज़ .

…………………..

शालिनी कौशिक
[कौशल ]



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

2 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yamunapathak के द्वारा
March 9, 2014

शालिनी जी काम वालियां भी हम जैसी स्त्रियां ही होती हैं ….सच है हर इंसान प्रेम की भाषा जनता है …प्यार और सम्मान से हम एक दूसरे के सही सहयोगी हो सकते हैं . एक बहुत अच्छे भाव वाली रचना

Ritu Gupta के द्वारा
March 6, 2014

⦆बहुत ही ख़ूबसूरती से पेश कि गयी रचना बधाई


topic of the week



latest from jagran