! मेरी अभिव्यक्ति !

तू अगर चाहे झुकेगा आसमां भी सामने, दुनिया तेरे आगे झुककर सलाम करेगी . जो आज न पहचान सके तेरी काबिलियत कल उनकी पीढियां तक इस्तेकबाल करेंगी .

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चंहु ओर विराजमान !

Posted On: 25 Feb, 2014 Others,कविता,Celebrity Writer में

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सुन्दर कर्म
पुण्य और दान
फल
भविष्य में
अगले जन्म में ,
दुःख ,पाप ,
संताप
कष्ट
वर्त्तमान में
इसी जन्म में
फिर मनुज
की प्रतीक्षा
वर्त्तमान
या
भविष्य
चयन
मात्र वर्त्तमान
तभी पाप
का साम्राज्य
कष्ट का
अस्तित्व
दुःख की
उपस्थिति
संताप की
प्रत्यक्षता
आज है
चंहु ओर
विराजमान
अपने सशक्त
स्वरुप में
चंहु ओर
विराजमान !

शालिनी कौशिक
[कौशल ]

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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

yogi sarswat के द्वारा
March 5, 2014

सुन्दर प्रस्तुति शालिनी जी !

Madan Mohan saxena के द्वारा
March 4, 2014

बहुत खूब अच्छा लिखा है आभार मदन

deepakbijnory के द्वारा
February 25, 2014

कर्म KA फल इसी जन्म में मिलता है http://deepakbijnory.jagranjunction.com/2014/02/21/सपने/


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