! मेरी अभिव्यक्ति !

तू अगर चाहे झुकेगा आसमां भी सामने, दुनिया तेरे आगे झुककर सलाम करेगी . जो आज न पहचान सके तेरी काबिलियत कल उनकी पीढियां तक इस्तेकबाल करेंगी .

704 Posts

2169 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 12172 postid : 707750

मेरी चाय में कहे तू कैसे ,स्वाद नहीं है आता

  • SocialTwist Tell-a-Friend

मोदी का हमला, 'भ्रष्टाचार की एबीसीडी है कांग्रेस'
चले पहनकर सिर पर टोपी .अचकन और पजामी ,
मियां शराफत ने हाथों में ले ली बेंत बदामी .
……………………………………………….
इत्र लगाया बांह पर अपनी ,मूंछ को किया रंगीन ,
जूती पहनी पाकिस्तानी ,पैर न छुए ज़मीन .
……………………………………………………..
मिले अकड़कर गले दोस्त के ,बोले भाई सलाम ,
तुमसे मिलने हम हैं आये ,छोड़ के काम तमाम .
…………………………………………..
अबकी बार खड़ा हूँ तेरे ,शहर विधायक पद पर ,
जिम्मेदारी मुझे जिताने की ,तेरे काँधे पर .
……………………………………………………..
हम दोनों की जात एक है ,काम भी एक है प्यारे ,
मेरा साथ अगर तू दे दे ,होंगे वारे न्यारे .
……………………………………………………
मैं बेचूं हूँ रोज़ तरक्की ,तुझको ख्वाब दिखाकर ,
तू बेचे है आटा चावल ,कंकड़ धूल मिलाकर .
………………………………………………
मेरी चाय में कहे तू कैसे ,स्वाद नहीं है आता,
तेरे घर से दूध में पानी ,आता दूध से ज्यादा .
……………………………………………
मैंने भला कहा क्या सबको ,तू झूठा मक्कार ,
अब मेरे साथ में मेरे जैसा ,करना मेरे यार .
……………………………………………..
जैसे तेरी चलवाई है ,मेरी तू चलवाना ,
अबकी बार मुझी को अपनी ,सारी वोट दिलाना .
…………………………………………
नेताओं के भेदभाव को ,दोस्त न तू अपनाना ,
तेरे आगे हाथ मैं जोडूं ,मुझे न भूल जाना .
………………………………………
हाथ मिलकर गले लगाकर ,चले मियां जी आगे ,
पकड़के माथा दोस्त सोचता ,क्या देखा जब जागे .
…………….
शालिनी कौशिक
[कौशल ]



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (3 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

2 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Pankaj Kumar Mishra Vatsyayan के द्वारा
February 25, 2014

उत्तम आह्वान

udayraj के द्वारा
February 24, 2014

बहुत सुंदर अभि‍व्यक्ति ।


topic of the week



latest from jagran